Sunday, December 31, 2017

साल नया पर ख्वाब वही . . .

चलो मुबारक बात दे नये साल के तोंफे कि,
उम्मीद नयी लेकर हम करे बात पुराने ख्वाबो कि. . .
नही हुआ है पुर्न  लेकीन ख्वाब मेरा वो आज भी है, 
अंत हुआ है साल का, लेकीन कोशीश अब भी जारी है. . .

शुभकामनाये काफी बांट ली, थोडा मन को बहलाया है, 
शाम के ढलते सुबह हुई तो देखा नजारा वही है. . .
समझ लो इस बात को, गुजरा बस ये साल है,
तारीख हि बस बदली है, परीस्थीतीयां बाकी वही है,

बनके बादल बरसेंगे संकट ओर कठीनाईया,
खडे रहेंगे साथ मे, हम ओर हमारी गलतीया,
जो सीख लिया है अब तक हमने, काफी नही है पाने को,
ये साल नया आया है कुछ ओर हमे सीखाने को. . .  

याद रखो उस काटे को वो सबसे आखीर चलता है,
पर समय बडा दिखाता है,
हम भी थोडा रुक जाये, समय से थोडा हार कर,
थक गये है शरीर से पर हिम्मत को ना थकने दो. . .

नये साल कि सुबह को याद कर लो बातो को,
जीस कारण हम ने देखे थे वो ख्वाब उन रातो को,
ख्वाब तो एक ख्वाब है नया हो या पुराना हो,
केहलाता पर वो फुल ही है मुरझाया हो या ताजा हो. . .

नये साल कि आप सभी को हार्दिक शुभकामनाये . . .

साल नया पर ख्वाब वही . . .

चलो मुबारक बात दे नये साल के तोंफे कि, उम्मीद नयी लेकर हम करे बात पुराने ख्वाबो कि. . . नही हुआ है पुर्न  लेकीन ख्वाब मेरा वो आज भी ...