Sunday, June 12, 2016

#18_Punch4Inspiration

वक्त की ऐहमीयत शायद इसीलिये बढ़ गयी है, क्योकी आज से ज्यादा हमने कल और कल के वक्त को ज्यादा महत्त्व दिया है. . .

साल नया पर ख्वाब वही . . .

चलो मुबारक बात दे नये साल के तोंफे कि, उम्मीद नयी लेकर हम करे बात पुराने ख्वाबो कि. . . नही हुआ है पुर्न  लेकीन ख्वाब मेरा वो आज भी ...