Friday, September 25, 2015

कोई बताते है, कोई छुपाके रखते है, पर ऐसे अजीब दोस्त हम सभी के पास होते है.....



उनकी हरकते, उनका बात करनेका तरीका हमे हमेशा अच्छा लगता है,
हमारी कीसी बात का उन्हे बुरा ना लगे, डर ये भी तो लगा रहता है,
उनकी तारीफ करने की वजह हम हमेशा धुंडते रहते है,
अपनी तारीफ मे अकसर हम खुद ही मुस्कुरा लेते है,


वो हमसे से बात ना करे, थोडा बुरा लगता है,
पर हम भी वही करे, गलत तो ये भी होता है,
हरबार पहला मॅसेज हम ही भेजा करते है उन्हे,
कभी कभी वो भी ऐसा करे, ये इंतजार न जाने क्यु रहता है,


धडकने तेज हो जाती है, हरबार उन्हे सामने देखकर,
इसिलीये तो अकसर हम देखा करते है ना उन्हे छुप छुपकर,
खोये रहते है हमेशा, समय युही बीत जाता है उनके इंतजार मे,
कल फिर वही करते है ये सोचकर, की आज तो लिखी होगी मुलाखात हमारी किस्मत मे,


एक ही झलक पा कर उनकी, हमे सब अच्छा लगने लगता है,  
कोई तो बात होगी उनमे, याद करते ही उन्हे चेहरे पे हमारे मुस्कान जो आ जाती है,
वो क्या सोचते होंगे, यही सवाल का जवाब हम हरवक्त धुंडते रहते है,  
सुनने की चाहत रहती है कुछ ऐसा, जो की हम खुलकर उन्हे बताते है,


पता नही पर सबसे करीब शायद ये वही दोस्त होते है,
साथ जिन्हे इनका मिल जाता है, वो लोग बडे खुशनसीब होते है,
पर अफसोस तो इस बात का है,
की ऐसे खुशनसीब लोग भी बहोत कम ही होते है,   


समय के साथ, उनका बसेरा बस यादो मे ही रह जाता है,
उनकी याद आते ही, नजाने क्यु आंखे नम हो जाती है,
ऐसे कइ सवालो के जवाब बस उन्हीके पास होते है,
शायद इसीलिये वो दोस्त थोडे अजीब होते है…… 

साल नया पर ख्वाब वही . . .

चलो मुबारक बात दे नये साल के तोंफे कि, उम्मीद नयी लेकर हम करे बात पुराने ख्वाबो कि. . . नही हुआ है पुर्न  लेकीन ख्वाब मेरा वो आज भी ...