Sunday, July 5, 2015

सफर.....

हसना तो मुझे होगा ही, क्योंकी उन्हे जो हसाना है, इतनी मुश्कीलो से लढकर मुझे इंन्सान जिन्होने बनाया है. रोना तो जिंदगी का एक पैलु है, पर हर वक्त मुझे थोडी ना इसीमे जीना है.

कुछ सोच कर ही भगवान ने मुझे यहा भेजा होगा, मेरा ना सही पर किसीका कोई तो काम मेरे लिये छोडा होगाधुंडना है उसी काम को और अंजाम तक पहुचाना है, आखिर वापस जाकर जवाब मुझे भी तो देना है.

दुसरी जिंदगी मे मेरा विश्वास पहले से नही था, वो तो दोस्तो ने कसम दी थीअगले जनम मे दोस्त नही भाई बनकर आने की, ओर जोश जोश मे मै भी जुबान दे बैठा था.

जिद पाने की हमेशा से ही थी किसीको, अंजाने मे कभी शायद वो गुजरी होगी मेरे पास होकरखोया तेरे ही ख्वाबो मे आज भी हु ओर उस दिन भी था, ये कह तो दु एकबार उसे मिलकर.

हर वक्त ये ऐहसास मुझे आज भी होता है, अपनो को खोने का डर नजाने क्यु लगा रहता हैकुछ बुरा जब मैने नही किया किसीका, तो जमाना मुझे क्यो इतना तरसाता है, क्या यही सवाल आप को भी हमेशा रुलाता है.

दौड बन गयी है जिंदगी मेरी, एक दिन ऐसे हि कोई मुकाम पा लेगी,पर शायद तब तक वक्त बदल जायेगाजीन लोगो से भाग रहा था हमेशा, कमी तब उन्हीकी महसुस होगी.

इसी सोच से मैने अब भागना छोड दिया, जीतने की जो जिद पहले थी कभीउसे छोडा तो नही पर थोडा कम कर दिया.

सामना जब जब मेरा सच्‌चाई के साथ हुआ, उन सब ख्वाबो के उप्पर एक ओर ख्वाब हमेशा बनता चला गयाकी उन सभी को एकबार हसा के जाऊ, कभी मेरा जीनसे छोटा हो या बडा कोई टकराव था हुआ.        

साल नया पर ख्वाब वही . . .

चलो मुबारक बात दे नये साल के तोंफे कि, उम्मीद नयी लेकर हम करे बात पुराने ख्वाबो कि. . . नही हुआ है पुर्न  लेकीन ख्वाब मेरा वो आज भी ...